नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन में MagyarDeutschEnglish पत्रकारिता का कोर्स कर रहे
विकास ज़ुत्शी जी
ने मेल भेजी और
चिट्ठाकारी में महिलाओं की भूमिका
से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानने चाहे. मैंने सोचा कि इन सवालों के जवाबों के लिए आप सुधि ब्लॉगर साथियों की मदद ली जाए.
आशीष सर, आपसे कुछ सवाल पूछने थे,
1) पहली पोस्ट महिला ब्लॉग / ब्लॉगर होने की सूचना क्या आप मुझे बता सकते हैं?
2) ब्लॉगिंग के क्षेत्र में महिलाओं कि क्या स्थिति है?
3) महिला ब्लॉगर इस समय किस क्षेत्र पर अधिक लिख रहीं हैं?
4) कुछ ब्लोगेर्स प्रमुख महिला / ब्लॉग्स के बारे में भी सूचना देने की कृपा करें
इसके साथ अगर आप कोई और सूचना इस विषय पर दे सकें तो आभार होगा,
जवाब का इंतज़ार है
आपकी ओर से दी जानी वाली बहुमूल्य जानकारी का विकास जी को इंतजार है.
नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन में हिन्दी पत्रकारिता का कोर्स कर रहे विकास ज़ुत्शी जी ने मेल भेजी और चिट्ठाकारी में महिलाओं की भूमिका से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानने चाहे। मैंने सोचा कि इन सवालों के जवाबों के लिए आप सुधि ब्लॉगर साथियों की मदद ली जाए।
आशीष सर, आपसे कुछ सवाल पूछने थे,
1 ) पहली महिला ब्लॉग पोस्ट / ब्लॉगर होने की सूचना क्या आप मुझे बता सकते हैं ?
2 ) ब्लॉगिंग के क्षेत्र में महिलाओं कि क्या स्थिति है ?
3 ) महिला ब्लॉगर इस समय किस क्षेत्र पर अधिक लिख रहीं हैं ?
4 ) कुछ प्रमुख महिला ब्लोगेर्स / ब्लॉग्स के बारे में भी सूचना देने की कृपा करें
इसके साथ अगर आप कोई और सूचना इस विषय पर दे सकें तो आभार होगा, जवाब का इंतज़ार है
आपकी ओर से दी जानी वाली बहुमूल्य जानकारी का विकास जी को इंतजार है।
सर्च इंजन में सामग्री ढूंढ़ते समय कुछ छोटी - छोटी टिप्स वक्त भी बचा सकती हैं और मेहनत भी
इंटरनेट पर मनचाही सामग्री की तलाश के लिए मदद ली जाती है सर्च इंजन की. सामग्री से जुड़े की - वर्ड को जैसे ही सर्च इंजन में डाला जाता है, हजारों रिजल्ट मिलते हैं. अब समस्या शुरू होती है कि इनमें से कौनसे पेज को खोलकर देखा जाए, जिसमें जरूरत के मुताबिक सामग्री मिल सके. एक - एक कर पेज खोले जाते हैं और उसी रफ्तार से बंद भी कर दिए जाते हैं. अगर किस्मत अच्छी है तो जल्द ही सामग्री मिल जाती है और अगर आप किसी खास चीज को तलाश कर रहे हैं, तो हो सकता है कि इसके लिए कई घंटे लग जाएं. गहन और सटीक सर्च के लिए सर्च इंजन की भाषा समझना जरूरी है. इसके कुछ छोटे - छोटे नियम हैं, जो आमतौर पर काम में नहीं लिए जाते. अगर इन नियमों का ध्यान रखा जाए तो न केवल सर्च काफी धारदार हो जाएगी, बल्कि वक्त और मेहनत की भी बचत होगी. सर्च को धारदार बनाने के लिए जानिए कुछ टिप्स --
की - वर्ड्स का चयन
सर्च के लिए आपको सही की - वर्ड का निर्धारण करना होता है और दूसरे नतीजों के लिए विकल्प भी तैयार रखना होता है. जैसे अगर आप ब्लॉग के लिए टेम्पलेट ढूंढ रहे हैं
concediu
और
Singapore
से आपको मनचाहे रिजल्ट नहीं मिल रहे हैं तो
Singapore vacanta
को आजमा सकते हैं. अगर आपको शब्दों की सही स्पेलिंग नहीं आती तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. गूगल और याहू जैसे अधिकतर सर्च इंजन इस मामले में इंटेलिजेंट हैं और सही स्पेलिंग खुद - ब - खुद सुझा देते हैं.
कैटेगरी का चयन
कई बार सही कैटेगरी नहीं चुनने की वजह से भी सर्च में समस्या आ सकती है. मसलन अगर आप
भारत - बांग्लादेश टेस्ट मैच की ताज़ा जानकारी
तलाश रहे हैं तो आप वेब की बजाय
न्यूज कैटेगरी
में जाइए. अगर आप वेब कैटेगरी में तलाशेंगे तो ऊपर के नतीजों में आपको इन टीमों से जुड़ी पुरानी जानकारी भी म ...
सर्च इंजन में सामग्री ढूंढ़ते समय कुछ छोटी-छोटी टिप्स वक्त भी बचा सकती हैं और मेहनत भी
इंटरनेट पर मनचाही सामग्री की तलाश के लिए मदद ली जाती है सर्च इंजन की। सामग्री से जुड़े की-वर्ड को जैसे ही सर्च इंजन में डाला जाता है, हजारों रिजल्ट मिलते हैं। अब समस्या शुरू होती है कि इनमें से कौनसे पेज को खोलकर देखा जाए, जिसमें जरूरत के मुताबिक सामग्री मिल सके। एक-एक कर पेज खोले जाते हैं और उसी रफ्तार से बंद भी कर दिए जाते हैं। अगर किस्मत अच्छी है तो जल्द ही सामग्री मिल जाती है और अगर आप किसी खास चीज को तलाश कर रहे हैं, तो हो सकता है कि इसके लिए कई घंटे लग जाएं। गहन और सटीक सर्च के लिए सर्च इंजन की भाषा समझना जरूरी है। इसके कुछ छोटे-छोटे नियम हैं, जो आमतौर पर काम में नहीं लिए जाते। अगर इन नियमों का ध्यान रखा जाए तो न केवल सर्च काफी धारदार हो जाएगी, बल्कि वक्त और मेहनत की भी बचत होगी। सर्च को धारदार बनाने के लिए जानिए कुछ टिप्स-
की-वर्ड्स का चयन
सर्च के लिए आपको सही की-वर्ड का निर्धारण करना होता है और दूसरे नतीजों के लिए विकल्प भी तैयार रखना होता है। जैसे अगर आप ब्लॉग के लिए टेम्पलेट ढूंढ रहे हैं और holidays singapore से आपको मनचाहे रिजल्ट नहीं मिल रहे हैं तो singapore vacation को आजमा सकते हैं। अगर आपको शब्दों की सही स्पेलिंग नहीं आती तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। गूगल और याहू जैसे अधिकतर सर्च इंजन इस मामले में इंटेलिजेंट हैं और सही स्पेलिंग खुद-ब-खुद सुझा देते हैं।
कैटेगरी का चयन
कई बार सही कैटेगरी नहीं चुनने की वजह से भी सर्च में समस्या आ सकती है। मसलन अगर आप भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच की ताज़ा जानकारी तलाश रहे हैं तो आप वेब की बजाय न्यूज कैटेगरी में जाइए। अगर आप वेब कैटेगरी में तलाशेंगे तो ऊपर के नतीजों में आपको इन टीमों से जुड़ी पुरानी जानकारी भी मिल सकती है। जबकि न्यूज कैटेगरी में सबसे ऊपर ताजा जानकारी मिल जाएगी। इसी तरह इमेज, ग्रुप, मैप आदि कैटेगरी को चुनकर आप सर्च को शार्प कर सकते हैं। आजकल गूगल सर्च इंजन में वेब कैटेगरी में भी एक रिजल्ट न्यूज कैटेगरी का दिखाया जाता है।
प्रिपोजिशन हटाएं
सर्च इंजन इस तरह डिजायन किए गए हैं कि अधिकतर प्रिपोजिशन उनके लिए बेमानी हैं। मसलन and, of, for, in जैसे शब्दों को ये इंजन अपनी सर्च में शामिल नहीं करते। इसलिए बेहतर है कि की-वर्ड्स में इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाए। इसके अलावा आप सर्च के लिए जितने शब्द लिखेंगे, सर्च इंजन उन सभी शब्दों को ढूंढ़ते हैं, भले ही वे मैटर में किसी भी जगह और किसी भी क्रम में क्यों नहीं हो।
फ्रेज को यूं तलाशें
मान लीजिए आपको the long and winding road एक साथ तलाशना है तो इसके लिए उद्धरण चिन्हों (इन्वर्टेड कोमाज) की मदद लेनी चाहिए। अगर आप इसे इन्वर्टेड कोमाज के बीच "the long and winding road" लिखकर सर्च करेंगे तो आपको केवल वे ही रिजल्ट मिलेंगे जिसमें ये सभी शब्द एक साथ इसी क्रम में हैं।
वर्ड नहीं चाहिए
कई बार ऐसा होता है कि आपको clinton पर सामग्री चाहिए पर वो नहीं जिसमें lewinsky के बारे में जिक्र हो। इसके लिए आप एक शब्द के बाद स्पेस देकर माइनस चिन्ह का प्रयोग कर सकते हैं। मसलन अगर आप clinton -lewinsky तलाशेंगे तो आपको वे ही रिजल्ट मिलेंगे जिनमें केवल क्लिंटन है और लेविंस्की नहीं।
यूआरएल सर्च
यूआरएल या वेब एड्रेस में अगर आपको किसी शब्द की सर्च करनी है तो आप inurl की मदद ले सकते हैं। मसलन अगर आपको वे वेब एड्रेस चाहिए जिनमें time शब्द आता हो आप सर्च इंजन में inurl:time लिखकर एंटर करें। सभी रिजल्ट वे ही मिलेंगे जिनके वेब एड्रेस में कहीं न कहीं time शब्द आता है।
परिभाषा जानें
अगर आपको किसी शब्द का अर्थ जानना है तो वेब डिक्शनरी पर जाने की जरूरत नहीं है। अगर आप define:time सर्च इंजन में डालेंगे तो आपको time शब्द की परिभाषा मिल जाएगी। इसी तरह आप दूसरे शब्दों की परिभाषा और अर्थ जान सकते हैं।
आई एम फीलिंग लकी
गूगल सर्च इंजन वक्त बचाने के लिए यह फेसिलिटी प्रोवाइड करा रहा है जिसमें सर्च करते वक्त वही पेज खुलता है जो सबसे रेलेवेंट होता है। इसके लिए सर्च बॉक्स में की-वर्ड लिखकर सर्च की बजाय आई एम फीलिंग लकी बटन को प्रेस कीजिए। सबसे रेलेवेंट साइट के ही खुलने से वक्त की बचत होती है।
हिन्दी में सर्च
अगर आपको अपनी सर्च के नतीजे देवनागरी हिन्दी में चाहिए तो आप इस लिंक की मदद लेकर अपने नतीजे हिन्दी में प्राप्त कर सकते हैं। यहां आप रोमन में लिखिए और ट्रांसलिटरेटर सेवा इसे देवनागरी में बदलकर नतीजे देवनागरी में ही उपलब्ध कराती है।
आज ब्लॉग सर्फ़िंग के दौरान अचानक
श्रीश पाठक प्रखर '' जी
की इस पोस्ट पर नज़र पड़ी -
मेरी सारी टिप्पणियां इकठ्ठी हो सकती हैं क्या ...?
पोस्ट पढ़कर पता चला कि विभिन्न चिट्ठों पर की गई टिप्पणियां किसी धरोहर से कम नहीं. उन्हें फ़िर से पढ़ना मतलब पुरानी यादों में गोता लगाना. इसी कोशिश में मैंने एक जुगाड़ का इंतजाम किया और अलग - अलग चिट्ठों पर की गई अपनी अधिकांश टिप्पणियां आसानी से पढ़ीं.
यह जुगाड़
है
गूगल सर्च
इंजन.
अब आप कहेंगे कि गूगल सर्च इंजन पर खोजने लगे तो 56 सौ 60 नतीजे आएंगे और उन्हें पढ़ना मतलब दिमाग का दही करना. जनाब, सर्च इंजन पर खोज करना एक विशिष्ट कला है. इसके कुछ फॉर्मूले हैं. फास्ट और एकुरेट सर्च के लिए इस्तेमाल होने सभी फॉर्मूलों से
तो
मैं आपको अगली पोस्ट में रूबरू कराऊंगा (अगर आपकी दिलचस्पी हो तो). यहां मैं बता रहा हूं आपको अपनी सभी टिप्पणियां झट से पाने का तरीका.
2. इसमें अपना वह नाम लिखिए, जो आपके प्रोफाइल में लिखा है. अगर आप अपना नाम देवनागरी में लिखते हैं तो देवनागरी में लिखें और रोमन में लिखते हैं तो रोमन में लिखें. अच्छा होगा अगर आप अपने नाम को ब्लॉग से कॉपी कर यहां सीधे पेस्ट करें.
3. इसके बाद इस नाम के आगे अंग्रेजी में
a spus
लिख दें.
नाम और a spus
के बीच में एक स्पेस होना चाहिए. मिसाल के तौर पर
समीरलाल जी
की टिप्पणियां पढ़नी हों तो लिखें
Udan Tashtari a spus
4. अब इसे एक
citat (उद्धरण चिन्ह)
में बंद कर दें. अब यह आपको ऐसा दिखेगा -
"Udan Tashtari a spus "
5. अब
सर्च का बटन
दबाइए. खुलने वाले नतीजे आपकी ज़्यादातर टिप्पणियां ले आए हैं. इनकी पहली पंक्ति तो आप इसी पृष्ठ पर पढ़ सकते हैं. अ ...
आज ब्लॉग सर्फ़िंग के दौरान अचानक श्रीश पाठक 'प्रखर' जी की इस पोस्ट पर नज़र पड़ी- मेरी सारी टिप्पणियां इकठ्ठी हो सकती हैं क्या...? पोस्ट पढ़कर पता चला कि विभिन्न चिट्ठों पर की गई टिप्पणियां किसी धरोहर से कम नहीं। उन्हें फ़िर से पढ़ना मतलब पुरानी यादों में गोता लगाना। इसी कोशिश में मैंने एक जुगाड़ का इंतजाम किया और अलग-अलग चिट्ठों पर की गई अपनी अधिकांश टिप्पणियां आसानी से पढ़ीं।
यह जुगाड़ है गूगल सर्च इंजन। अब आप कहेंगे कि गूगल सर्च इंजन पर खोजने लगे तो 56 सौ 60 नतीजे आएंगे और उन्हें पढ़ना मतलब दिमाग का दही करना। जनाब, सर्च इंजन पर खोज करना एक विशिष्ट कला है। इसके कुछ फॉर्मूले हैं। फास्ट और एकुरेट सर्च के लिए इस्तेमाल होने सभी फॉर्मूलों से तो मैं आपको अगली पोस्ट में रूबरू कराऊंगा (अगर आपकी दिलचस्पी हो तो)। यहां मैं बता रहा हूं आपको अपनी सभी टिप्पणियां झट से पाने का तरीका।
2. इसमें अपना वह नाम लिखिए, जो आपके प्रोफाइल में लिखा है। अगर आप अपना नाम देवनागरी में लिखते हैं तो देवनागरी में लिखें और रोमन में लिखते हैं तो रोमन में लिखें। अच्छा होगा अगर आप अपने नाम को ब्लॉग से कॉपी कर यहां सीधे पेस्ट करें।
3. इसके बाद इस नाम के आगे अंग्रेजी में said लिख दें। नाम और said के बीच में एक स्पेस होना चाहिए। मिसाल के तौर पर समीरलाल जी की टिप्पणियां पढ़नी हों तो लिखें Udan Tashtari said
4. अब इसे एक quote (उद्धरण चिन्ह) में बंद कर दें। अब यह आपको ऐसा दिखेगा- "Udan Tashtari said"
5. अब सर्च का बटन दबाइए। खुलने वाले नतीजे आपकी ज़्यादातर टिप्पणियां ले आए हैं। इनकी पहली पंक्ति तो आप इसी पृष्ठ पर पढ़ सकते हैं। अगर किसी कमेंट को पूरा पढ़ना हो तो संबंधित नतीजे पर जाएं और उसे विस्तार से पढ़ लें।
उम्मीद है आपको टिप्पणियां पढ़ने का यह तरीका पसंद आया होगा।
वैसे टिप्पणियों को पाने का एक तरीका बैकटाइप की मदद लेना भी हो सकता है। लेकिन इसके लिए यह आवश्यक है कि जिस ब्लॉग पर आप टिप्पणी कर रहे हैं, वह यहां रजिस्टर हो। हिन्दी ब्लॉग जगत के विस्तार को देखते हुए यह संभव नहीं लगता।
नोट- ब्लॉगमदद पर पहली बार गया। मुझे प्रयास पसंद आया, लेकिन एक छोटी सी आपत्ति दर्ज कराना चाहता हूं। इस ब्लॉग की एक पोस्ट हिंदी ब्लॉग टिप्स के खजाने से मदद के लिंक - काम की कड़ियाँ दी गई हैं। हिन्दी ब्लॉग टिप्स को इस लायक समझने के लिए धन्यवाद। प्रवीण त्रिवेदी जी का ध्यान दिलाना चाहूंगा कि वे इस पोस्ट के बीच में किसी दूसरे ब्लॉग की फ़ीड़ (काम की टिप्स, उपयोगी जानकारी, ब्लॉग सजाइए ) को यहां से निकालकर उचित स्थान पर लगाएं। वरना पाठक भ्रमित होते हैं कि वे पोस्ट भी हिन्दी ब्लॉग टिप्स पर उपलब्ध हैं।
कल
हिमांशु जी
ने ब्लॉगर डैशबोर्ड पर एक संदेश पाया. यह संदेश उन्हें अपने ब्लॉग की कुछ फाइलों को अपडेट करने संबंधी सूचना दे रहा था. हिमांशु जी ने मेल भेज कर यह जानना चाहा कि क्या उन्हें इस संदेश का पालन करना चाहिए. अगर हां, तो किस तरह?
संदेश था --
Actualizaţi-vă template-uri
Template-uri dvs. include link-uri la fişierele găzduite de
Google Page Creator,
un serviciu care este migrarea în curând să
Site-uri Google.
Vrei Blogger să actualizaţi aceste link-uri acum?
यह संदेश किसी भी ब्लॉग के डैशबोर्ड पर आ सकता है. और अगर यह संदेश आपको मिलता है तो आपको इसका पालन करना जरूरी होगा, अन्यथा आपका ब्लॉग पढ़ने में परेशानी हो सकती है. जानते हैं इस संदेश का विस्तृत मतलब --
पिछले साल गूगल की एक सेवा
गूगल पेज क्रिएटर
को बंद करने की घोषणा हुई थी. उसकी जगह
गूगल साइट्स
ने ली थी. दोनों पर ही फाइल्स को होस्ट करने की सुविधा थी. अब आप कहेंगे कि इनका ब्लॉगर पर क्या लेना - देना? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप जब थर्ड - पार्टी टेम्पलेट या अन्य सामग्री अपने ब्लॉग पर लगाते हैं तो उनकी फाइल्स कहीं न कहीं होस्ट होती हैं. अब अगर ऐसे में आपके ब्लॉग की कुछ फाइल्स
गूगल पेज क्रिएटर
पर होस्ट हुईं तो वे थोड़े समय बाद दिखना बंद हो जाएंगी. इसलिए ब्लॉगर ने आपको इन्हें आसानी से
गूगल साइट्स
पर अपडेट करने का विकल्प दिया है.
इन्हें अपडेट करने के Hrvatski आपको
यहां क्लिक
करना होगा. इसके बाद अपने उसी यूजरनेम - पासवर्ड से लॉग - इन करना होगा, जिसका इस्तेमाल आप अपने ब्लॉगर अकाउंट के संचालन में करते हैं. इसके बाद आप ब्लॉगर हैल्प के
इस लिंक
की मदद लीजिए औऱ अपनी फाइल्स को चुटकियों में अपडेट कर लीजिए.
अपडेट होने में परेशानी उसी अवस्था में हो सकती है, जब आपकी किसी फाइल का आकार 1 एमबी से ज्यादा हो. वैसे टेम्पलेट में इससे बड़े आकार की फाइल की संभावना न के बराबर मानी जाती है.
कल हिमांशु जी ने ब्लॉगर डैशबोर्ड पर एक संदेश पाया। यह संदेश उन्हें अपने ब्लॉग की कुछ फाइलों को अपडेट करने संबंधी सूचना दे रहा था। हिमांशु जी ने मेल भेज कर यह जानना चाहा कि क्या उन्हें इस संदेश का पालन करना चाहिए। अगर हां, तो किस तरह?
संदेश था-
Update your templates
Your templates include links to files hosted on Google Page Creator, a service that is soon migrating to Google Sites. Do you want Blogger to update those links now?
यह संदेश किसी भी ब्लॉग के डैशबोर्ड पर आ सकता है। और अगर यह संदेश आपको मिलता है तो आपको इसका पालन करना जरूरी होगा, अन्यथा आपका ब्लॉग पढ़ने में परेशानी हो सकती है। जानते हैं इस संदेश का विस्तृत मतलब-
पिछले साल गूगल की एक सेवा गूगल पेज क्रिएटर को बंद करने की घोषणा हुई थी। उसकी जगह गूगल साइट्स ने ली थी। दोनों पर ही फाइल्स को होस्ट करने की सुविधा थी। अब आप कहेंगे कि इनका ब्लॉगर पर क्या लेना-देना? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप जब थर्ड-पार्टी टेम्पलेट या अन्य सामग्री अपने ब्लॉग पर लगाते हैं तो उनकी फाइल्स कहीं न कहीं होस्ट होती हैं। अब अगर ऐसे में आपके ब्लॉग की कुछ फाइल्स गूगल पेज क्रिएटर पर होस्ट हुईं तो वे थोड़े समय बाद दिखना बंद हो जाएंगी। इसलिए ब्लॉगर ने आपको इन्हें आसानी से गूगल साइट्स पर अपडेट करने का विकल्प दिया है।
इन्हें अपडेट करने के लिए आपको यहां क्लिक करना होगा। इसके बाद अपने उसी यूजरनेम-पासवर्ड से लॉग-इन करना होगा, जिसका इस्तेमाल आप अपने ब्लॉगर अकाउंट के संचालन में करते हैं। इसके बाद आप ब्लॉगर हैल्प के इस लिंक की मदद लीजिए औऱ अपनी फाइल्स को चुटकियों में अपडेट कर लीजिए।
अपडेट होने में परेशानी उसी अवस्था में हो सकती है, जब आपकी किसी फाइल का आकार 1 एमबी से ज्यादा हो। वैसे टेम्पलेट में इससे बड़े आकार की फाइल की संभावना न के बराबर मानी जाती है।
कुछ फेरबदल करने के बाद यह विजेट अब मुझे सही काम करता नजर आ रहा है. जो साथी इस
विजेट
को पहले ही लगा चुके हैं उन्हें कुछ भी फेरबदल करने की ज़रूरत नहीं है. यह उनके ब्लॉग पर अब ठीक तरह से काम करेगा. साथ ही जो साथी इसे हटा चुके हैं, या अपने ब्लॉग पर इसे लगाना चाहते हैं वे
इस पोस्ट
के जरिए इसे लगा सकते हैं.
कुछ फेरबदल करने के बाद यह विजेट अब मुझे सही काम करता नजर आ रहा है। जो साथी इस विजेट को पहले ही लगा चुके हैं उन्हें कुछ भी फेरबदल करने की ज़रूरत नहीं है। यह उनके ब्लॉग पर अब ठीक तरह से काम करेगा। साथ ही जो साथी इसे हटा चुके हैं, या अपने ब्लॉग पर इसे लगाना चाहते हैं वे इस पोस्ट के जरिए इसे लगा सकते हैं।
हिन्दी ब्लॉग टिप्स इस बार आपके लिए एक खास फ्लेश हेडलाइंस विजेट लेकर आया है, जिसे आप ब्लॉग की साइडबार में लगाकर पाठकों को अपनी ताज़ा प्रविष्ठियों की सूचना दे सकते हैं. ये एनिमेशन की तरह चलती दिखाई देती हैं, इसलिए आकर्षक भी लगती हैं और पाठकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहती है. देखिए इसका एक नमूना --
टिप्स:
क्या आप इसे ब्लॉग की साइडबार में लगाना चाहते हैं.
तरीका बहुत आसान है.
इसके
लिए आप नीचे दिए गए कोड को
लेआउट>> एड ए विजेट>> एचटीएमएल जावास्क्रिप्ट विंडो में पेस्ट कर दीजिए.
याद रखें कि इसमें लाल रंग से दिखाई गई जगह पर आपके ब्लॉग का पता बदलना नहीं भूले.
हिन्दी ब्लॉग टिप्स इस बार आपके लिए एक खास फ्लेश हेडलाइंस विजेट लेकर आया है, जिसे आप ब्लॉग की साइडबार में लगाकर पाठकों को अपनी ताज़ा प्रविष्ठियों की सूचना दे सकते हैं। ये एनिमेशन की तरह चलती दिखाई देती हैं, इसलिए आकर्षक भी लगती हैं और पाठकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहती है। देखिए इसका एक नमूना-
टिप्स:
क्या आप इसे ब्लॉग की साइडबार में लगाना चाहते हैं।
तरीका बहुत आसान है। इसके लिए आप नीचे दिए गए कोड को लेआउट>>एड ए विजेट >>एचटीएमएल\जावास्क्रिप्ट विंडो में पेस्ट कर दीजिए। याद रखें कि इसमें लाल रंग से दिखाई गई जगह पर आपके ब्लॉग का पता बदलना नहीं भूले।
<p><span class="tickls">LATEST: </span><a id="tickerAnchor" style="text-decoration:none"></a></p><script style="text/javascript" src="http://ashishkk.110mb.com/headlines.js"> </script><script style="text/javascript"> var theLeadString = "LATEST: "; var thePostCount =5; var sBgColor; var nWidth; var nScrollDelay = 175; var sOpenLinkLocation="S"; </script> <script style="text/javascript" src="http://tips-hindi.blogspot.com/feeds/posts/default?alt=json-in-script&callback=PostTicker"> </script><br/> <span style="font-size: 50%"><a href="http://tips-hindi.blogspot.com/2009/12/blog-post_08.html">विजेट आपके ब्लॉग पर </a></span>
इस कोड में दिखाई जाने वाली हेडलाइंस की संख्या 5 रखी गई है। अगर आप इसे बढ़ाना या घटाना चाहें तो हरे रंग से दिखाए स्थान पर संख्या को बदल लें।
बहुत दिन से ब्लॉग जगत से दूर रहा. इस दौरान सैकड़ों साथियों की मेल और टिप्पणियां मिलीं. समय पर उत्तर नहीं दे पाने का मुझे खेद है. सबसे पहले मैं उन साथियों का आभार जताना चाहता हूं, जिन्होंने कुछ विजेट्स की परेशानियों की ओर मेरा ध्यान दिलाया. ये विजेट्स हैं --
इन तीनों की परेशानियों की वजह गूगल / ब्लॉगर द्वारा हाल ही कुछ सैटिंग्स में बदलाव है.
जहां गूगल ने ट्रांसलिटरेटर में फेरबदल किए हैं, वहीं ब्लॉगर ने अपनी फ़ीड में कुछ परिवर्तन किए हैं, जिस वजह से संख्या सही नहीं दिख पा रही हैं. इन परेशानियों को दूर करने का प्रयास जल्द से जल्द किया जाएगा.
पिछली पोस्ट में मैंने आपको न्यूज़ फ्लेश ब्लॉग हेडलाइंस विजेट देने का वादा किया था. यह विजेट भी अगली पोस्ट में जारी किया जाएगा.
बहुत दिन से ब्लॉग जगत से दूर रहा। इस दौरान सैकड़ों साथियों की मेल और टिप्पणियां मिलीं। समय पर उत्तर नहीं दे पाने का मुझे खेद है। सबसे पहले मैं उन साथियों का आभार जताना चाहता हूं, जिन्होंने कुछ विजेट्स की परेशानियों की ओर मेरा ध्यान दिलाया। ये विजेट्स हैं-
इन तीनों की परेशानियों की वजह गूगल/ब्लॉगर द्वारा हाल ही कुछ सैटिंग्स में बदलाव है। जहां गूगल ने ट्रांसलिटरेटर में फेरबदल किए हैं, वहीं ब्लॉगर ने अपनी फ़ीड में कुछ परिवर्तन किए हैं, जिस वजह से संख्या सही नहीं दिख पा रही हैं। इन परेशानियों को दूर करने का प्रयास जल्द से जल्द किया जाएगा।
पिछली पोस्ट में मैंने आपको न्यूज़ फ्लेश ब्लॉग हेडलाइंस विजेट देने का वादा किया था। यह विजेट भी अगली पोस्ट में जारी किया जाएगा।
आज 14 नवंबर यानी बाल दिवस पर
गूगल का होमपेज
खोलने में बडा़ मज़ा आया. गूगल के लोगो पर हिंदुस्तानी छाप जो थी. गर्व से सीना तो उस वक्त फूला जब पता चला कि ये सारे डिजाइंस हमारे देश के नन्हे मुन्ने बच्चों ने तैयार किए हैं. गूगल ने इस साल 2 अक्टूबर को गांधीजी को गूगल के लोगो पर जगह दी थी और भारतीय बच्चों के बीच 4 Google Doodle प्रतियोगिता कराने का ऐलान किया था. अब से प्रत्येक ऐताहासिक महत्व की तिथि को गूगल का लोगो भारतीय रंग में रंगा होगा.
गुड़गांव के चौथी कक्षा के पुरु प्रताप सिंह की इस कल्पना को देखिए. कहा जा सकता है कि हमारे देश का भविष्य वाकई उज्ज्वल है.
अन्य बच्चों की कल्पनाओं को इस तस्वीर पर क्लिक कर देखा जा सकता है --
अब आज की ब्लॉग टिप की बात
अपनी प्रयोगशाला में मैं कोई विजेट बनाने की कोशिश कर रहा था. कुछ सफल भी हुआ. टेस्टिंग के लिए आपको दिखा रहा हूं. आप देखिए अगर आपके ब्लॉग की हेडलाइंस न्यूज फ्लेश की तरह कुछ इस तरह से दिखें तो कैसा रहे.
अगर आपको यह पसंद आ रहा है तो कृपया लिखिए. इसे फाइनल टच देने का मोटिवेशन मिलेगा.